उत्तर बस्तर कांकेर, 12 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने शुक्रवार को जिले के दूरस्थ अंचल दुर्गूकोंदल एवं बड़गांव क्षेत्र का सघन दौरा कर अस्पताल, स्कूल, छात्रावास एवं निर्माणाधीन विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों के उपचार, चिकित्सा सुविधाओं, संस्थागत प्रसव एवं स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी ली। वहीं स्कूलों में पठन-पाठन, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं शौचालय सुविधाओं का जायजा लेते हुए विद्यार्थियों से रू-ब-रू चर्चा कर शिक्षा की गुणवत्ता परखी। छात्रावासों में बच्चों को मिलने वाले भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए।
दुर्गुकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण
कलेक्टर ने दुर्गुकोंदल के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के विभिन्न वार्डों, पंजीयन कक्ष, दवाई वितरण कक्ष, एनसीडी स्क्रीनिंग कक्ष एवं एक्स-रे कक्ष का निरीक्षण किया तथा मरीजों के उपचार एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की छात्राएं स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अतिथि शिक्षिका सुश्री प्रियंका बगमरिया के साथ अस्पताल पहुंची थीं। कलेक्टर ने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें कविता सुनाने के लिए कहा। छात्राओं द्वारा कविता सुनाए जाने पर उन्होंने उनका उत्साहवर्धन किया।
अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, खराब सोलर पैनल लाइट को दुरुस्त कराने तथा पेयजल व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। अस्पताल के प्रवेश द्वार के समीप लगे नल की टोंटी से पानी व्यर्थ बहता देखकर उन्होंने तत्काल उसे स्वयं बंद कर पानी बचाने का संदेश दिया।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पर कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर ने दुर्गूकोंदल के कन्या आवासीय विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त एवं संबंधित निर्माण एजेंसी के इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित तहसीलदार एवं जनपद सीईओ को आश्रम-छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने तथा तहसीलदार को क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए। प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास के पास चिन्हांकित स्थल पर खेल मैदान विकसित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एमबीबीएस डॉक्टर की व्यवस्था
क्षेत्रवासियों की मांग पर जिला प्रशासन द्वारा बड़गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एमबीबीएस डॉक्टर की व्यवस्था की गई है। रोस्टर के आधार पर पखांजूर एवं दुर्गूकोंदल अस्पताल से डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। संबंधित डॉक्टर बड़गांव में रात्रि विश्राम भी करेंगे, जिसके लिए वन विभाग के निरीक्षण कुटीर में आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कलेक्टर ने बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर संस्थागत प्रसव, मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि अस्पताल में प्रतिमाह लगभग 15 से 17 संस्थागत प्रसव कराए जाते हैं तथा जोखिम वाले मामलों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाता है। पिछले चार माह में यहां 84 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। इस पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अस्पताल में एक स्टाफ नर्स की अविलंब व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार करने, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने, लैब कक्ष को व्यवस्थित करने तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर अस्पताल में चस्पा करने के निर्देश दिए। साथ ही एमआईएस सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि जिला स्तर से ग्राम स्तर तक गर्भवती महिलाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके। पुराने प्रचार-प्रसार सामग्री को हटाकर नई सामग्री व्यवस्थित ढंग से लगाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने बड़गांव में पोस्टमार्टम कक्ष एवं बॉडी फ्रीजर की व्यवस्था करने के साथ ही आम नागरिकों की सुविधा के लिए मुख्य मार्ग से अस्पताल तक सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति हेतु प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए।
छात्रावास एवं स्कूल में शिक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा
कलेक्टर ने बड़गांव के प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास का निरीक्षण कर साफ-सफाई, शौचालय की स्वच्छता एवं खिड़कियों में मच्छररोधी जाली की व्यवस्था देखी। व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने छात्रावास अधीक्षक की सराहना की। छात्रावास परिसर में ओपन जिम स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गांव के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शिक्षक डायरी की तर्ज पर विद्यार्थियों के लिए भी डायरी तैयार करने के निर्देश दिए। कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी शैक्षणिक समझ एवं शिक्षा की गुणवत्ता परखी। विद्यार्थियों से अंग्रेजी की पुस्तक पढ़कर सुनाने को कहा और स्वयं भी पढ़कर उनका उत्साहवर्धन किया। स्कूल परिसर एवं शौचालयों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने नवीन शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
पखांजूर-बांदे मार्ग की मरम्मत और स्वच्छता पर जोर
कलेक्टर ने पखांजूर-बांदे मार्ग पर गड्ढों की मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित एजेंसी को गड्ढों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। पखांजूर से उदयनगर ग्राम पंचायत के मध्य अंजाड़ी नाला पर वर्ष 1977 में निर्मित पुल का भी निरीक्षण किया। पुल के समीप नहर में कचरा एवं गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा इसकी शीघ्र सफाई कराने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी पखांजूर को दिए। उन्होंने पखांजूर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। प्रवास के दौरान पखांजूर में जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक माह एक निर्धारित दिवस पर पखांजूर में आरटीओ कैंप आयोजित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान वन मंडल पश्चिम भानुप्रतापपुर के वन मंडलाधिकारी श्री एस. नवीन कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एसडीएम पखांजूर श्री मनीष देव साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।







