ज्वालामुखी विस्फोट से पहले चेतावनी के लिए AI की मदद, ज्यादा फॉल्स अलार्म भी हो सकते हैं फायदेमंद
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ज्वालामुखी विस्फोट से पहले चेतावनी के लिए AI की मदद, ज्यादा फॉल्स अलार्म भी हो सकते हैं फायदेमंद


विज्ञान 01 September 2026
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ज्वालामुखी विस्फोट से पहले चेतावनी के लिए AI की मदद, ज्यादा फॉल्स अलार्म भी हो सकते हैं फायदेमंद

ज्वालामुखी फटने की पहले चेतावनी मिलने से कई बार गलत अलार्म यानी फॉल्स अलार्म बढ़ सकते हैं, लेकिन इससे लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जान बचाने में मदद मिल सकती है। न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के नए शोध में यह बात सामने आई है।

दिसंबर 2019 में न्यूजीलैंड के व्हाकारी/व्हाइट आइलैंड में अचानक ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था। इस घटना में 22 लोगों की मौत हुई और 25 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। यह न्यूजीलैंड के हाल के इतिहास की सबसे घातक ज्वालामुखी आपदाओं में से एक थी।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह कोई अकेली घटना नहीं थी। पिछले 20 वर्षों में न्यूजीलैंड में करीब आधा दर्जन ऐसे अचानक ज्वालामुखी विस्फोट हुए, जिनमें आसपास मौजूद लोगों के घायल होने या जान गंवाने का खतरा था। हालांकि, इनमें से किसी घटना की इतनी जल्दी और सही तरीके से भविष्यवाणी नहीं हो सकी कि लोगों को पहले ही चेतावनी देकर सुरक्षित निकाला जा सके।

AI से घंटों पहले मिल सकती है चेतावनी

शोध में बताया गया है कि मशीन लर्निंग तकनीक ज्वालामुखी के आसपास होने वाले लगातार कंपन में आने वाले बेहद छोटे बदलावों को पहचान सकती है। इससे संभावित विस्फोट के संकेत कई घंटे पहले मिल सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने न्यूजीलैंड, जापान, चिली और रूस के पांच ज्वालामुखियों से कई वर्षों के भूकंपीय आंकड़ों का दोबारा विश्लेषण किया। मॉडल ने हर समय अगले 48 घंटों में ज्वालामुखी विस्फोट की संभावना का अनुमान लगाया।

व्हाकारी पर किए गए परीक्षण में, जिस डेटा से मॉडल को पहले प्रशिक्षित नहीं किया गया था, उसने पांच में से चार विस्फोटों की पहले पहचान कर ली। हालांकि, इसके बदले हर साल करीब 15 दिन ऐसे रहे, जब चेतावनी जारी हुई लेकिन कोई विस्फोट नहीं हुआ।

फॉल्स अलार्म की कीमत बनाम जान बचाने का फायदा

शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि गलत चेतावनियों से होने वाली आर्थिक परेशानी और समय पर चेतावनी मिलने से बचाए जा सकने वाले नुकसान के बीच संतुलन क्या हो सकता है।

अध्ययन के अनुसार, एहतियाती कदम उठाने से ऐसे नुकसान को 30 से 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, जिन्हें समय पर कार्रवाई से रोका जा सकता है।

हालांकि, हर ज्वालामुखी के मामले में स्थिति अलग होगी। उदाहरण के लिए, व्यस्त स्की सीजन के दौरान माउंट रुआपेहू को बंद करने से पर्यटन और कारोबार को काफी नुकसान हो सकता है।

लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि इस आर्थिक नुकसान की तुलना उन मौतों, गंभीर चोटों और लंबे समय तक रहने वाले प्रभावों से करनी होगी, जिन्हें समय पर लोगों को सुरक्षित निकालकर रोका जा सकता है।

ज्यादा अलार्म वाला सिस्टम भी हो सकता है सुरक्षित

शोध में कहा गया है कि कुछ परिस्थितियों में ऐसा चेतावनी सिस्टम जो बार-बार गलत अलार्म देता है, उस सिस्टम से ज्यादा सुरक्षित हो सकता है जो केवल बहुत ज्यादा भरोसा होने पर चेतावनी जारी करता है।

सुनामी चेतावनी प्रणाली इसका एक उदाहरण है। कई बार सुनामी की चेतावनी जारी होने के बावजूद बड़ी और नुकसान पहुंचाने वाली लहर नहीं आती। इसके बावजूद लोग चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, सही तरीके से जोखिम की जानकारी देना और लोगों का चेतावनी प्रणाली पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

विशेषज्ञों की जगह नहीं लेगा AI

शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्वचालित चेतावनी प्रणाली का उद्देश्य ज्वालामुखी विशेषज्ञों की जगह लेना नहीं है। ऐसी प्रणाली वास्तविक समय में मिलने वाले निगरानी डेटा के आधार पर शुरुआती चेतावनी दे सकती है, जबकि विशेषज्ञ स्थिति का आकलन करते रहें और आगे की कार्रवाई तय करें।

ऐसी तकनीक स्की रिसॉर्ट, ट्रैकिंग रूट और आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ सड़कों, बिजली लाइनों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में भी मदद कर सकती है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि उनका मॉडल ज्वालामुखी निगरानी की पूरी लागत और फायदे का विस्तृत विश्लेषण नहीं है। हालांकि, यह दिखाता है कि फॉल्स अलार्म की लागत की तुलना पहले चेतावनी मिलने से होने वाले संभावित फायदे से कैसे की जा सकती है।

यह शोध संयुक्त राष्ट्र की Early Warnings for All पहल से भी जुड़ता है, जिसका लक्ष्य 2027 तक सभी लोगों को विभिन्न आपदाओं के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणाली उपलब्ध कराना है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसे ज्वालामुखी जो बहुत कम समय में फट सकते हैं, उनके मामले में पूरी तरह निश्चित होने का इंतजार करना भी अपने आप में एक जोखिम है। ऐसे में ज्यादा फॉल्स अलार्म स्वीकार करना लोगों को खतरे से बाहर निकलने के लिए अतिरिक्त समय देने की उचित कीमत हो सकती है।

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