भुवनेश्वर, 14 अप्रैल । ओडिया नववर्ष के अवसर पर पुरी स्थित श्रीमंदिर में धार्मिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अब आज से नए निर्मित ‘रत्न पलंक’ (आभूषणों से सुसज्जित शैय्या) पर विश्राम करेंगे।
मंगलवार काे श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी ने बताया कि सभी आवश्यक धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण होने के बाद ही नए पलंकों का उपयोग प्रारंभ किया जाएगा। आज से देवताओं को दैनिक ‘शयन’ (विश्राम) अनुष्ठान के तहत इन नए पवित्र पलंकों पर तीनाें भगवानाें काे विराजमान किया जाएगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, तीन नए रत्न पलंक का निर्माण विशेष शिल्पकला के साथ किया गया है, जिन पर चांदी की परत चढ़ाई गई है। इनका उपयोग शुरू करने से पहले परंपरागत विधि-विधान के तहत शुद्धिकरण और प्राण-प्रतिष्ठा संबंधी अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इस पहल को परंपरा और आधुनिक शिल्पकला के समन्वय के रूप में देखा जा रहा है, जो मंदिर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करता है। वहीं, पुराने रत्न पालंकों को संरक्षित रखते हुए मंदिर परिसर स्थित नीलाद्रि संग्रहालय में रखा जाएगा। उनकी अंतिम व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
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पुरी श्रीमंदिर में आज से नए ‘रत्न पलंक’ पर शयन करेंगे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा








