भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी विदेश मंत्री राइट और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ अपनी हालिया मुलाकात को फलदायी बताया और भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग के भविष्य पर हुई चर्चाओं पर प्रकाश डाला। यह बैठक भारत द्वारा सतत और समग्र परमाणु प्रौद्योगिकी एवं अवसंरचना विकास विधेयक (शांति) पारित किए जाने के बाद हुई। राजदूत गोर ने कहा कि अमेरिका न केवल नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में, बल्कि कोयला गैसीकरण और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है।
उन्होंने शांति विधेयक को भारत की ऊर्जा नीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और भारत के साथ स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा मार्गों को मजबूत करने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। शांति विधेयक का उद्देश्य भारत के परमाणु ऊर्जा ढांचे का आधुनिकीकरण करना, सुरक्षा मानकों में सुधार करना और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के अवसर पैदा करना है। 2008 के परमाणु समझौते के बाद से नागरिक परमाणु सहयोग भारत-अमेरिका संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ रहा है।



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