नई दिल्ली, 08 अप्रैल । भारत ने ईरान-अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में दोनों पक्षों के युद्ध विराम की घोषणा करने का स्वागत किया है। भारत ने कहा है कि दुनिया इसकी बहुत कीमत चुका चुकी है और उम्मीद है कि अब यह आगे स्थाई शांति की ओर बढ़ेगा।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी कई बार कहा है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति अत्यंत आवश्यक है।
बयान में कहा गया है कि इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति एवं व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हम आशा करते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका आखिरकार संघर्ष विराम पर सहमत हो गया। इस पर इजराइल ने भी हां कर दी है। दोनों ने मध्यस्थ देशों का मान रख लिया और अब ईरान के साथ आमने-सामने की बातचीत की तैयारी की जा रही है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले से पश्चिम एशिया का सैन्य संघर्ष शुरू हुआ था।
Breaking News
- मतदाता नामावली प्रकाशित, 20 अप्रैल तक दर्ज होंगे दावे-आपत्ति
- छत्तीसगढ़ में गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत देने 23 समर स्पेशल ट्रेनें
- इतिहास के पन्नों में 16 अप्रैल : भारतीय रेल का ‘जन्मदिन’, जब पहली बार पटरियों पर दौड़ी ट्रेन
- छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसा: प्रशासन ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
- पीएसजी ने एंफील्ड में लिवरपूल को हराकर चैंपियंस लीग सेमीफाइनल में बनाई जगह
- द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बर्लिन में जर्मन विदेश मंत्री से मुलाकात की।
- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पोइला बोइशाख, बिहू और विशु की शुभकामनाएं दीं
- गर्मियों में शुगर रोगियों के लिए फायदेमंद है काला जामुन
- अमेरिका-ईरान वार्ता यूरेनियम संवर्धन पर टिकी है: यह क्या है और इसे क्यों किया जाता है?
- पुरी श्रीमंदिर में आज से नए ‘रत्न पलंक’ पर शयन करेंगे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा
पश्चिम एशिया में युद्धविराम का स्वागत कर भारत ने जताई स्थाई शांति की उम्मीद








